south main hindi bolne par hue hatapai

साउथ मैं हिंदी भासको लेकर फिरसे हुआ हातपाई। युबक ने बोलै ” बात यह नहीं आप कण्हसे है बंगलोरे , और नॉएडा आपको हिंदी मैं ही बात करना होगा ” | सोशल मेडियपे हुए वाइरल ।

ट्रेंडिंग

साउथ मैं हिंदी भासको लेकर फिरसे हुए हातपाई । आयेदिनपे साउथ की अलग अलग जगह से यह न्यूज़ आतेहि रहते है , जिसमे कभी किसी महिलाओ को कांडा यह तमिल बोलने को मजबूर किया जाता है । और यह सिर्फ साउथ का प्रॉब्लम नहीं है हर एक स्टेट मैं उनकी भासा न बोलने पर हटा पाई सुरु करदेते है । कितनी सरम की बात है यह हम सब भारतीय होकर एक दूसरे सिर्फ भासा के कारन दंगा सुरु करदेते है । और सोशल मीडिया पे दिखते है , ” सरे दुनिया से हिन्दुस्थान अच्छा ” मतलब आप सोचिये यह कितना दोगलापन है , जोलोक यह दंगा करते है अगर आप उनसे पूछे के भाईसाब काया हुआ तोह ओहलोक बहती गरब से बताएगा  के हम अपनी संस्कृति को बांचना चाहते है । मतलब कुछभी , इन्ही लोगोको अगर किसी दूसरी टोपी पर सवाल  करो जैसे हुन्दुस्थान के बारेमे कुछ बोलिये तब एह लोगोकी असली रंग आप देख पाएंगे , तब एहि लोक कहेंगे मेरा भारत एक महान देस है यंहा सबलोक मिलझुल करा रहते है यह नजारा आप किसी और दूसरे मुल्क मैं नहीं देख पाएंगे जंहा अलग अलग धरम के लोक अनकहे भासके लोक एक साथ भाईके तरह रहते । मतलब एहि तुम्हारा भाईचारा , यह तुम्हरी संस्कृति बांचने की लड़ाई , मुझे यह लिखते हुए भी सरम आरहीहै । थोड़ा तोह कॉमन सेंस उसे कीजिये , अगर आपके घर मैं आपका 5 भाई है और 5 भाई अलग अलग खाना खाना पसंद है तब आप का मां काया करेगी आप सभीके लिए अलग अलग खाना पकाये, नहीं ना ओह देखेगी के कोनसी खाना पकने ज्यादा तर बचा खाहि लेते है उनका पसंद हो यह ना हो । ठीक ऐसे ही भारत मैं जब प्रति जलाओ के भासा अलग है तोह सर्कार को यह देखना परते है के कोनसी भासा ज्यादा तर लोक टूटी फूटी भी बोलते है उसीकोही राष्ट्रीय भासा बनाएगा ना । आप मानलीजिए बांग्ला भासा को राष्ट्रीय भासा बनाये गया काया पश्चिम बंगाल के बहार कोई उस भासा को बोलपायेगा  आपको काया लगता है ? उत्तर नहीं  आप आपको लगरहा होगा हिंदी ही किउ उनका सर्कार है इसलिए  नहीं यह आपकी गलत भ्रम है किउ की ओह तो गुजरती है , तोह हिंदी को किउ चुने उनको तोह गुजरती भासा चुनना चाहिए था , बात सिंपल है भाई यंहा हर स्टेट मैं अलग अलग भासा है लेकिन 50% स्टेट  तोडा बहत हिंदी बोल भी सकते और समाज ते भी है । यह सिर्फ मेरे देश की कहानी नहीं , आप किसी दूसरे मुल्क मैं जाइये , मानलीजिए आप चाइना मैं गए घूमने उनसे कोनसी भासा मैं आप बात करेंगे बताइये हिंदी , तमिल , तेलुगु , यह  चाइनीस आप इनमें से किसीभी भासा मैं बैठी नहीं करेंगे आप इंग्लिश भासा का प्रओग करेंगे लेकिन किउ उनका तोह भासा चाइनीस है और आपका कुछ भी होसकता है लेकिन इंग्लिश तोह नहीं तोह फेर किउ , किउ की आप अछेसे जानते है भलेही ओह अचे से ना बोलपय लेकिन आपका काम होजाये गा। एकबार सोच के देखिये आपसभी लोक जो भासा के नाम पर अपने भइओ को मरते हो काया ओह सही है , अगर आपके जबाब हाँ है तोह मेरा रिक्वेस्ट है आप अपनी भासा को हरजगह इस्ते मॉल करे | आप कभी यह किउ नहीं सोचते अगर इंटरनेशनल लैंग्वेज नहीं मानते कोई भी कंट्री  तब आप काया करते सरे दुनिया का भासा सीखते , किउ  सभी देश की लोक आपकी तरही सोचेंगे हम किउ दूसरे की भासा बोले . ऐसा होते तोह आप कभी दुनिया देखने के बारेमें नहीं सोचते किउ की आपका मन में डर रहता अगर नहीं बोलपाये तोह ओह हमें मरे गा ।

इसीलिए किउ भाई भाई मैं दंगा , यह सब चोर के हम सब मिलके हमारी देश को आगे लेके चलते है , खली साउथ से खली नार्थ से यह देस आगे नहीं बार पायेगा। एक साथ एक जोट होकरि आगे बरने से ही देस आगे बारे गा  जय हिन्द।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *